कालसर्प दोष और कैसे करे उसे कम-
By Aashish Patidar Apr 18 2020 Astrology
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो राहु और केतु या केतु और राहु के बीच सभी सात ग्रह आ जाए तो उसे काल सर्प योग का नाम दिया गया है। काल यानी मृत्यु सर्प यानी सांप अर्थात मृत्यु का सांप कहकर राहु-केतु को मिलाकर वीभत्स बना दिया गया है। राहु को शेर और केतु को सांप का बाकी हिस्सा माना जाता है।
यदि आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष होने के बाद आपको किसी ज्योतिष या आपकी कुंडली देखकर पता चली है तो घबराए नहीं इससे बचने के उपाय बहुत हैं। कई लोग कालसर्प दोष का नाम सुनकर ही चिंतित हो जाते हैं कि उन्हें किस प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा परंतु यह आवश्यक नहीं है कि व्यक्ति को गहरी समस्याओं का सामना करना पड़े।
यदि जीवन में बहुत ही संघर्ष हो या बार-बार बनते काम रह जाते हैं तो ज्योतिष की भाषा में यह माना जाता है कि व्यक्ति किसी कुंडली दोष से गुजर रहा है वह कोई भी दोष हो सकता है। परंतु कालसर्प दोष एक ऐसा दोष है जिसमें सारे ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाने से व्यक्ति का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। अर्थात इससे बचने के कई उपाय हैं इससे ना तो घबराने की जरूरत है ना ही चिंतित होने की क्योंकि हर परेशानी अपने साथ उसका निवारण साथ लेकर आती है। कुछ छोटे-छोटे उपाय आपको इस दोष से मुक्ति दिला सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कालसर्प दोष कई प्रकार के होते हैं जिनके प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग तरह से पड़ते हैं, जैसे अनंत कालसर्प दोष, कुलिक काल सर्प दोष, पातक कालसर्प दोष इत्यादि। इन सभी में सामान्य बात यह है कि इन सभी के लिए उपाय व उपचार एक समान हो सकते हैं। ज्योतिष संपूर्ण विज्ञान है, और ज्योतिष के प्रतिपादित सिद्धांत उपाय और दानव का वैज्ञानिक आधार है। इसी की सहायता से आप अपनी कुंडली के विभिन्न प्रकार के दोषों से राहत पा सकते हैं।
कालसर्प दोष से बचने के कुछ उपाय और उपचार
- सूर्य उदय और सूर्य अस्त के समय भोजन ग्रहण ना करें परंतु जल ग्रहण कर सकते हैं।
- प्रतिदिन शिवजी को जल अर्पित कर बेलपत्र चढ़ाए। इसी के साथ आप नाग देवता की भी पूजा किसी नजदीकी मंदिर जाकर कर सकते हैं।
- अपने शिवलिंग पर आप चांदी का नाग अर्पित कर इस के दोष को कम कर सकते हैं।
- आप अपने घर के विभिन्न कमरों या फिर मुख्य कमरे में मोर पंख रख सकते हैं यह मोर पंख दोष को कम करने के साथ-साथ आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा भी पैदा करेगा।
- सुबह और शाम आप हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं यदि आपको रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करने का समय नहीं मिलता है तो आप इसे मंगलवार के दिन कर सकते हैं।
- धार्मिक कार्य करने से पीछे ना हटे किसी धार्मिक स्थल पर जाकर दान करें।
- आपको हमेशा अन्य की इज्जत करना चाहिए इसलिए यह कहा जाता है कि आपको यह दोष होने पर अपनी थाली में झूठा खाना नहीं छोड़ना चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो इसका प्रभाव आपको नकारात्मक परिणाम भी दे सकते हैं।
- अपनी वाणी या अपने कर्मों से किसी भी व्यक्ति का अपमान ना करें अर्थात किसी भी व्यक्ति का अपने क्रियाओं से दिल ना दुखाए।
यदि आप कालसर्प दोष के बारे में और जानकारी लेना चाहते हैं तो आप इंस्टिट्यूट ऑफ वेदिक एस्ट्रोलॉजी से वैदिक ज्योतिष में पत्राचार पाठ्यक्रम के जरिए ज्योतिष का ज्ञान हासिल कर सकते हैं और इस प्रकार के कई दोषों से अपने ही हाथों इनका निवारण कर सकते हैं।
Search
Recent Post
-
How to become a professional astrologer in india
How to Become a Professional Astrologer in India...Read more -
How to read a birth chart (kundali) for beginners
How to Read a Birth Chart (Kundali) for Beginner...Read more -
What is mahadasha and how does it affect your life?
What Is Mahadasha and How Does It Affect Your Li...Read more -
Career opportunities in astrology: why more students are choosing astrology classes online
Career Opportunities in Astrology: Why More Stud...Read more -
Learn vedic astrology online – best online astrology course in india | iva india
Learn Vedic Astrology Online – Build Knowledge, ...Read more