वास्तु के यह पौधे आपके घर को बना देंगे स्वर्ग
By Aashish Patidar Dec 12 2019 VASTU
हमारे जीवन में पौधों की भूमिका
सबसे पहले यह पृथ्वी आग का गोला थी फिर यह ठंडी हुई और इतनी ठंडी हुई कि फिर इस पर सबसे पहले वनस्पति उगना प्रारंभ हुई और उसके बाद जीव जंतु आए और अंत में मनुष्य शायद इसीलिए मनुष्य को आज भी मैं वनस्पतियों और प्रकृति से बहुत प्रेम है क्योंकि वह उन्हीं का एक हिस्सा है वनस्पति में भी कुछ पौधे जंगली होते हैं परंतु कुछ पौधे लाभकारी होते हैं वह आपके मन को भी खुशी देते हैं और आपके शरीर को स्वास्थ्य देते हैं साथी आपके घर का वातावरण उर्जा माई बना देते हैं
पौधे कुछ कहते हैं
जब हम घर बनाते हैं तब हमें यह नहीं पता चलता कि हमें कौन से पौधे लगाने हैं तो हमें जो पौधे मिल जाते हैं हम उन पौधों को ही लगा लेते हैं परंतु सभी पौधे शुभ नहीं होते हैं कुछ पौधे जैसे नागफनी या कैक्टस बहुत कांटेदार पौधे हमारे घर के लिए भी शुभ नहीं होते हैं और हमारे मन की स्थिति के लिए भी शुभ नहीं होते हैं इसके स्थान पर फूलदार रसिया खुशबू वाले वृक्ष हमारे मन को भी सुकून पहुंचाते हैं और हमारे घर के वातावरण में एक नई ऊर्जा लाते हैं तू हम समझते हैं कि कौन से पौधे लगाना चाहिए और कौन से पौधे नहीं लगाना चाहिए
चमत्कारी पौधे
कुछ पौधे घर की सकारात्मक ऊर्जा के लिए चमत्कारी सिद्ध होते हैं परंतु उन्हें किस दिशा में लगाना यदि इस बात का भी ध्यान रख लिया जाए तो और अधिक शुभ होता है घर की उत्तर दिशा में पौधों का रोपण करना शुभ होता है परंतु तुलसी को घर की सीमा में कहीं भी लगाना शुभ होता है पूर्णांक अशोक मोलश्री शमी तिलक चंपा अनार पीपली डाक अर्जुन गंभीर सुपारी कटहल केतकी मालती कमल चमेली मल्लिका नारियल केला एवं पाटन वृक्षों से सुशोभित घर लक्ष्मी का विस्तार करता है
अशोक वृक्ष
अपनी सगन सुखदाई नहीं छाया के द्वारा इस वक्त ने जिस प्रकार मां सीता के दुख को कम किया था ठीक उसी प्रकार इस वृक्ष के कई ऐसे औषधीय उपयोग हैं जो कि स्त्रियों में होने वाली व्याधियों को काफी हद तक करने में सक्षम है अशोक की छाल में टैनिन तथा कटे चिन्ह नामक रसायन पर्याप्त मात्रा में होते हैं जो कि औषधीय महत्व के हैं अशोक से निर्मित अशोकारिष्ट नामक औषधि बहुत गुणकारी है अशोक के बीजों को दो माशा चूर्ण को जल के साथ नित्य कुछ दिनों तक लेने से अश्वरी रोग चला जाता है अशोक के वृक्ष के नीचे स्नान करने वाले व्यक्ति की ग्रह जनित बाधाएं दूर होती हैं मंदबुद्धि स्मृति लोक के शिकार एवं ऐसे जातक जिनकी पत्रिका में बुध ग्रह नीच का हो उनके लिए अशोक वृक्ष के नीचे स्नान करना अत्यंत शुभ कार्य है
केला
केले का वृक्ष लगाना हर तरह से सुखदाई होता है जहां एक और केले के पत्ते पर भोजन किया जा सकता है थाली के रूप में वहीं पर दूसरी ओर पका हुआ केला शीतल वीर्य वर्धक शरीर के लिए पुष्टि दायक मांस को बढ़ाने वाला भूख प्यास को दूर करने वाला तथा नेत्र रोग और प्रमेह नाशक होता है पेट के कीड़े मारने तथा खून शुद्ध करने के लिए केले केले की जड़ के अर्क का सेवन लाभदायक है केले की अर्क को बनाने के लिए लगभग 1 किलो जल में 50 ग्राम केले की जड़ डालकर इतना गर्म करें कि जल की मात्रा आदि हो जाए इसके बाद इस मिश्रण को 96 यही छना हुआ जल केले का अर्थ है
पीपल
किसी भी घर में पश्चिम में पीपल वृक्ष का होना अत्यंत शुभ है ज्योतिष शास्त्र की मान्यता है कि शनि ग्रह से पीड़ित व्यक्ति को शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाने से पर्याप्त शांति प्राप्त होती है पीपल की परिक्रमा करने से देवता प्रसन्न होते हैं तथा ग्रहों का कुप्रभाव नहीं रहता है
अपने जीवन या संबंधित लोगों के इन तत्वों और पहलुओं के बारे में अधिक जानने के लिए आप IVA से वैदिक वास्तु के विषय में ऑनलाइन अधययन कर सकते हैं। आप भी एक कुशल ज्योतिष बन सकते है, अगर आप किसी प्रतिष्ठित संसथान से वैदिक ज्योतिष विषय में अध्यन करते है, तो जैसे इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैदिक एस्ट्रोलॉजी।
Search
Recent Post
-
Learn vedic astrology online – build knowledge, confidence & career with iva india
Astrology is no longer just a traditional practice...Read more -
Transform your life with online astrology training at iva india
In today’s fast-moving and uncertain world, making...Read more -
How accurate is astrology? truth vs myths explained
Astrology has been part of human history for thous...Read more -
Kaal sarp dosh in astrology – meaning, effects, remedies & solutions
Astrology has always been a guiding light for peop...Read more -
Vastu tips for home construction – a complete guide for a harmonious home
Building a home is one of the most significant mil...Read more