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भारत और अमेरीका के सर्वश्रेष्ठ वैदिक वास्तु प्रशिक्षण संस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी से वास्तु शास्त्र सीखें (एस्ट्रलवर्सिटी की सहायता से)

आज ही प्रवेश लें और सीखें वैदिक वास्तु शास्त्र हमारे विस्तृत तथा व्यवस्थित पत्राचार व विडियो के कॉम्बो कोर्स द्वारा

वैदिक वास्तु पत्राचार व ऑनलाइन वीडियो कोर्स (कॉम्बो कोर्स)

वास्तु शास्त्र सीखना बहुत लोगों का सपना रहा है और इस विद्या को सीखकर, इसमें महारत हासिल कर एक विशेषज्ञ वास्तु सलाहकार के रूप में कार्य करना चाहते हैं। अब सीखें वास्तु शास्त्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैदिक एस्ट्रोलॉजी (एस्ट्रलवर्सिटी की सहायता से) के पत्राचार व ऑनलाइन वीडियो के कॉम्बो कोर्स की सहायता से। वास्तु के प्रारंभिक पहलुओ को विस्तृत से इस कॉम्बो कोर्स में समझाया गया है। एक तरफ जहां आप को पत्राचार के माध्यम से पारंपरिक रूप में किताबों के जरिये ज्ञान हासिल कर सकते हैं वहीं आप आज की नई तकनिक के साथ ऑनलाइन वीडियो देखकर आसानी से इस कोर्स में महारत हासिल कर सकता है।

इस कोर्स के जरिये आप वास्तु विधा में प्रख्यात लोगों से अपने कोर्स को अनुभवी रूप से समझ सकते हैं। यह प्रभावशाली शिक्षा प्राणली पहली बार ऑनलाइन वीडियो कोर्स के जरिये आप को प्रदान की जा रही है, जिसका अनुभव आपके लिए नया और रोचक साबित होगा, जिसे हमने हमारे इंस्टिट्यूट ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी के द्वारा शुरू किया है।

यह कोर्स हमारे द्वारा बड़े ही सम्पूर्ण व विस्तृत तरह से तैयार किया गया है। वीडियो द्वारा प्रदान किया गया विषय और उसका ज्ञान आपको सैद्धान्तिक, प्रयोगात्मक और अनुभवी तौर से सीखे हुए विशेषज्ञों के द्वारा प्रदान किया जाएगा। अब वास्तु सीखना और भी आसान।

कोर्स करने के फायदे पत्राचार कोर्स से वीडियो कोर्स से कॉम्बो कोर्स से (पत्राचार + वीडियो)
दो सर्टिफिकेट      
कॉम्बो कोर्स में नामांकन करने पर छुट      
मेधावी विधयार्थियों को स्वर्ण पदक      
पारंपरिक रूप से सीखने की सुविधा (किताबों के द्वारा)      
ईमेल पर त्वतरित शंका समाधान      
अध्यन सामग्री – 17 अध्याय (1200+ पन्नें)      
वास्तू विशेषज्ञ द्वार 150+ वीडियो      
1 विशेषज्ञता कोर्स मुफ़्त      
अनुभव प्राप्त करने के लिए मुफ़्त अभिविन्यास कार्यक्रम      
व्यावहारिक प्रशिक्षण      
कभी भी और कहीं से भी पढ़ने की आजादी      
वीडियो बार-बार देखें      
कॉलेज / इंस्टिट्यूट / यूनिवर्सिटी कहीं भी जाने की जरूरत नहीं      
ऑनलाइन परीक्षा      
ऑफलाइन परीक्षा      
कॉम्बो कोर्स से जुडने पर छुट      

इंस्टिट्यूट ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी से वास्तु सीखें – उज्ज्वल भविष्य बनाएँ

पत्राचार से सीखने के फायदे

 
1200+ पन्नों की अध्ययन सामग्री

भारतीय वैदिक वास्तु शास्त्र में सबसे व्यापक प्रशिक्षण

 
औडियो लेसन

औडियो लेसन सुने और विषय में आसानी महारत हासिल करें

 
ईमेल पर त्वतरित शंका समाधान

24 घंटों में हमारे विशेषज्ञ द्वारा उत्तर प्राप्त ईमेल पर त्वतरित शंका समाधानp>

 
1 विशेषज्ञता कोर्स मुफ़्त

विषय में विशेषज्ञता प्राप्त कर अपने ज्ञान का महत्व और बढ़ाइए। यह सुविधा केवल प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स के विधयार्थियों के लिए है।

 
अनुभव प्राप्त करने के लिए मुफ़्त अभिविन्यास कार्यक्रम

जानिए कैसे आप एक अच्छे वास्तु सलाहकार बनकर अपना अभ्यास शुरू कर सकते हैं Learn how you can become a good Vastu Consultant and start your practice

 
कोर्स जल्दी खत्म करने के विकल्प

विधयार्थि जिन्हे पहले से विषय का ज्ञान हो या पढ़ाई में अधिक समय दे सकते हों उनके लिए मध्यवर्ती, शीघ्र, अति- शीघ्र विकल्प

 
स्वर्ण पदक पायें

मेधावी विधयार्थि जिन्हे A+ प्राप्त होगा और जो 7 मूल परियोजनाओं के साथ विषय में 10+ लेख जमा करेंगे, उन्हें स्वर्ण पदक दिया जाएगा

 
सीखने का सबसे पारंपरिक व सामान्य तरीका

किताबों के द्वारा पढ़कर सीखने का तरीका बहुत सदियों पुराना है व अभी भी सबसे सामान्य है

 
किश्तों में भुगतान करें

अब कोर्स आसान किश्तों में भुगतान करके करें

 
उज्ज्वल भविष्य बनाएँ

एक उज्ज्वल भविष्य आपका इंतजार कर रहा है

 
सबसे सम्पूर्ण कोर्स

शुरुआत से लेकर विशेषज्ञ तक सम्पूर्ण कोर्स। जिसकी आपको तलाश थी

 
दो सर्टिफिकेट

पायें दो सर्टिफिकेट इंस्टिट्यूट ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी (पत्राचार के लिए) और एस्ट्रलवर्सिटी (वीडियो कोर्स के लिए)

वीडियो कोर्स के फायदे

 
150+ वीडियो

वीडियो लेसन द्वारा वैदिक वास्तु के विषय में सम्पूर्ण ज्ञान हर बुनियादी तथ्यों पर

 
वास्तु शास्त्र की कक्षा जैसे वास्तु को सीखने का अनुभव

घर / ऑफिस से वीडियो के जरिये वास्तु कक्षा में प्रशिक्षण जैसा अनुभव

 
ईमेल द्वारा त्वतरित शंका समाधान

24 घंटों में हमारे विशेषज्ञ द्वारा उत्तर प्राप्त ईमेल पर त्वतरित शंका समाधान

 
पाठ्यक्रम को नियमित रूप से अपडेट किया जाता है

पाठ्यक्रम को नियमित रूप से अपडेट व विधायार्थियों को सूचित किया जाता है

 
पाठ्यक्रम में नए भागो का समय - समय पर समायोजन

नए विषयों व प्रवृत्तीयों को पाठ्यक्रम में नियमित रूप से समय - समय पर आपके उचित मार्गदर्शन के लिए समायोजित किया जाता है

 
कही भी / कभी भी सीखे

घर या ऑफिस से अपनी सुविधानुसार किसी भी समय विषय में महारत हासिल करें

 
मोबाइल पर भी वीडियो देखें

सभी के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध होता है, तो उस पर भी वीडियो देखें व सीखें

 
वीडियो बार-बार देखें

वीडियो को बार-बार देखें व अवधारणाओं को संशोधित करें

 
उज्ज्वल भविष्य बनाएँ

वास्तु शास्त्र में उज्ज्वल भविष्य बनाना अब कभी भी इतना आसान नहीं था

 
विषय के विशेषज्ञ से सीखे

इस कोर्स के जरिये आप बहुत ही सालों के अनुभवी व इस विद्या के प्रख्यात शिक्षकों द्वारा सीधे ही सीख सकते हैं

 
वीडियो को जीवन पर्यंत देखें

एक बार एडमिशन लेने पर उस कोर्स के वीडियो को जीवन पर्यंत देखने की सुविधा

 
दो सर्टिफिकेट

पायें दो सर्टिफिकेट इंस्टिट्यूट ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी (पत्राचार के लिए) और एस्ट्रलवर्सिटी (वीडियो कोर्स के लिए)

विडिओ प्रतिरूप

पाठ्यक्रम

अंतिम ऑनलाइन परीक्षा (कोर्स पूर्ण करने के पश्चात कभी भी)

मॉड्यूल 1

देविक रचना, स्थापत्य वेद, स्थापत्य वेद का प्रमुख भाव, प्राचीन संरचनाएं, वैदिक काल: आर्यन तथा द्रविण आर्किटेक्चर, शाही, मुगल तथा क्षेत्रीय वास्तुकला, यूरोपीय निर्माण कला, ब‘ह्मांडीय दिशाएं, वास्तु से जुड़े वैज्ञानिक तथ्य।

  • Ex. & CS 1
  • Pallava, Chola, Pandya, Chalukya and Vijaynagar Vastu

मॉड्यूल 2

वास्तु जोन के द्वारा किसी भी नक्शे को समझना, वास्तुशिल्प विद्या, ताल पद्धति, शिल्प कला, चित्रकला तथा मूर्तिकला स्थापति, सूत्रगृही, वर्धकी एवं तक्षक, देशभेद, पर्याकादि एवं आलिया वास्तु।

  • Ex & CS 2 Ans 1 Zone Tracing Vastu Graphs

मॉड्यूल 3

8 वर्ग, 12 राशियां, जन्म नक्षत्र, काकिणी, प्राकृतिक और मानव निर्मित संरचनाएं, भूखंड के आकार, भूखंड के प्रकार: ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र, कुर्म, गज ,दैत्य एवं नाग प्रष्ठ भूखंड, वीधी विन्यास, भूमि के स्तर, वेद।

  • Ex. 3
  • Ans 2
  • Formulae Book

मॉड्यूल 4

दिशाएं, भूमि के विभिन्न परीक्षण, भूमि के अंदर अशुद्धि हटाने के तरीके, गृह निर्माण, मिट्टी, पत्थर, लकड़ी, वास्तु नियोजन के लिए पंचांग, नीचे ऊपर और तिरछे नक्षत्र के प्रभाव, भद्रा, शुभयोग, पंचक, भूमिशयन।

  • Ex. 4
  • Ans 3
  • Audio CD 4
  • Inner Circle Paper 1

मॉड्यूल 5

निर्माण प्रकिया: चार दीवार, बोरिंग, पानी की टंकी, ढलान, खुदाई, वास्तु पुरुष मंडल: सकल, पंचक, महापीठ, उप-पीठ, स्थंडिल, चंडित, परमशायिक, आसन, द्वार चौखट, गृह प्रवेश: उत्संग, पूर्णबाहु, प्रत्यकक्षाय।

  • Ex & CS 5
  • Answer 4
  • House Tracing Sheet

मॉड्यूल 6

दिशाओं के अंश में विचलन, कोने का बंद होना, वृक्ष की छाया का प्रभाव, ब्रह्मस्थान, गैरेज, पार्किंग, मुख्य, बच्चों और अतिथि के शयन कक्ष का वास्तु अनुरूप स्थापन, शयन दिशा, रसोई: आंतरिक एवं बाह्य, पूजा स्थान रसोई स्थापन, फ्रिज, प्लेटफॉर्म, सिंक गैस, इत्यादि का स्थापन रसोई का प्लेटफार्म, भोजनशाला तथा भंडार गृह।

  • Ex. & CS 6
  • Ans 5
  • Project
  • Practise Book

मॉड्यूल 7

स्नानघर एवं शौचालय, सलंग्न शौचालय, कमोड की स्थिति, गीज़र, वॉशबेसिन, आईना, आंतरिक एवं बाह्य सीढ़ियां, सीढ़ियों के चढ़ाव, घुमावदार सीढ़ियां, अलमारी एवं तिजोरी का स्थान, रंग सरचना तलघर, ब्रह्मसथान: शिरा, वंश तथा मर्म बिंदु, आयादी, षड्वर्ग, गृह आयु।

  • Ex. 7
  • Ans 6
  • Inner Circle Paper 1

मॉड्यूल 8

शाला, बिल्डिंग के लिए वास्तु, फ्लैट, पेंट हाउस: दरवाजा, रसोई, भोजन कक्ष, शयन कक्ष, पूजा स्थान, शौचालय, अलमारी, बालकनी, दुकान: रोड, कोने, प्रवेश, रोकड़, शोकेस, रेक, लेखा, सेल्समैन का स्थान, पीने का पानी, डिसप्ले।

  • Ex. & CS 8
  • Answer 7
  • Vocational Analysis Guide

मॉड्यूल 9

नक्षत्र एवं उनके गृह स्वामी देवता, चार चरण एवं घर में रहने वाला व्यक्ति पर उनका प्रभाव, वास्तु और नक्षत्र का संबंध एवं उनका प्रयोग: अश्विनी, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, हस्त, चित्रा, स्वाती, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफागुनी, श्रवण, घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद एवं रेवती नक्षत्र।

  • Ex. 9
  • Answer 8
  • Constellation reckoner

मॉड्यूल 10

प्रत्येक दिशाओं की लेआउट सरचना: विशेषताएं, दिशा का अंश, सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव, ऊंचे स्थान तथा ढलान, कुआं, बोरिंग, बंद कोने, दरवाजे की स्थिति, खुली जगह: पूर्व, आग्नेय, दक्षिण, नैरुत्य, पश्चिम, वायव्य, उत्तर तथा ईशान दिशा मुख के नक्शे।

  • Ex. & Cs 10
  • Answer 9
  • 8 readymade plans of each direction

मॉड्यूल 11

ऑफिस, घरों के समूह, फैक्ट्री, शिक्षण संस्थान, हॉस्पिटल, बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, फॉर्म हाउस, डुप्लेक्स, भवन: एक दीवार तथा स्वतंत्र दीवार, कॉफी शॉप, लांज, गेस्ट हाउस इत्यादि का वास्तु

  • Ex. 11
  • Answer 10
  • Inner Circle Paper3

मॉड्यूल 11 अ

पिरामिड, अवधारणा, विकास शक्ति का स्त्रोत, गुणोत्तर माप, इमारत का आकार, वास्तु उपचार के लिए पिरामिड, क्रिस्टल पिरामिड, रंगीन पिरामिड, पिरामिड निर्माण कार्य, पिरामिड चिकित्सा, आधुनिक वास्तु धारणा

  • Ex. 11
  • Answer 10
  • Inner Circle Paper3

मॉड्यूल 12

घरों में वास्तु दोष, वास्तु दोष निवारण, बिना किसी तोड़फोड़ के वास्तु दोष निवारण, ईशान पत्र, वायव्य, संवादिनी, उर्ध्वागुरुत्व, नैरुत्य, पुष्कर्णी, आग्नेय, संस्करणी, दक्षिण, ताम्र वाहक, शुभज्यामितीय संरचना, पिरामिड, भवन का प्रभाव, भवन नियामक एवं उत्प्रेरक, चिन्ह, चित्र एवं रंग संयोजन।

  • Ex. 12 Answer 11 & 12
  • Project Exam Paper
  • Guidance for taking exams
  • Orientation Program

मॉड्यूल 12 अ

बिना किसी तोड़फोड़ के वास्तु में सुधार, ढांचा भाग-1, जमीन के उपचार, इमारत एवं पृथक कमरे, जैसे शयनकक्ष रसोई इत्यादि उपचार के पूर्व की तैयारियां, बेहतर परिणाम के लिए कब और कैसे उपचार का प्रयोग

मॉड्यूल 12 ब

बिना किसी तोड़फोड़ के वास्तु में सुधार, ढांचा भाग-2, पहला प्रभाव, स्थान का मूल्यांकन एवं उसने वास्तु दोष खोजना, उपचार एवं चयन चलायमान वस्तु के विभिन्न पक्ष

मॉड्यूल 13

पिरामिड, अवधारणा, विकास शक्ति का स्त्रोत, गुणोत्तर माप, इमारत का आकार, वास्तु उपचार के लिए पिरामिड, क्रिस्टल पिरामिड, रंगीन पिरामिड, पिरामिड निर्माण कार्य, पिरामिड चिकित्सा, आधुनिक वास्तु धारणा

मॉड्यूल 14

पर्यावरण वास्तु -पर्यावरण अभिज्ञ रचना, पौधे और उनकी विशेषताएं व उपयोग, उपयोगी औषधि, वास्तु के अनुसार उपयोगी पेड़, पौधों से वास्तु में सुधार, पेड़ व छोटे पेड़ पौधे

मॉड्यूल 15

मूल चित्रकारी, नक्शे पढ़ना, कंपास से दिशाएं खोजना, नक्शे में सूचना का आलेखन, ज़ोन प्लान, विधि विन्यास, ब्रह्म स्थान का स्थापन, फाटक व दरवाजे का स्थान चुनना, पेचीदे भूखंड

मॉड्यूल 16

वास्तुशिल्पी अवधारणाएं, सौंदर्य शास्त्र, अंदाज़, निर्माण की कला, मौसम के प्रभाव, सामाजिक तत्व, आकार प्रणाली, आकृति, मौलिक आकार, स्थल निवास, नियोजन के मॉडल, भूदृश्य निर्माण, वास्तु विशेषज्ञ और वास्तुकार भूकंप के बीच समन्वय, प्रतिरोधक सिद्धांत अनुप्रयोग

मॉड्यूल 17

आकार, अंदाज, मूल दुकानें, विभिन्न सामग्रियों के उपयोग, समरूपता, मूर्ति शास्त्र, ढांचा, मण्डल, कपड़ा, फर्श, दीवार, छत, रंग योजना, रंग भरने की तकनीक, रंग मिलाना, बनावट प्रक्रिया, वास्तु के अनुसार प्रतिबंधित सामग्री

मॉड्यूल 18

रत्न एवं क्रिस्टल विशेषताएं- प्रभाव, उपयोग, वास्तु में प्रयोग, उपचारात्मक, उपाय, पंचरत्न, नवरत्न, क्रिस्टल सामग्री, क्रिस्टल उपाय, सुधार के उपयोग, क्रिस्टल के द्वारा शक्ति का आदान-प्रदान

मॉड्यूल 19

शक्ति वास्तु विज्ञान- शक्ति मापने के उपकरण व औजार, प्रयोग और उपयोग, उच्च अवधारणाएं, कार्य विचारधारा, विवादग्रस्त किरणें, ज्योपैथिक स्ट्रेस, काल्पनिक रेखाएं, उच्च आधुनिक उपकरण

मॉड्यूल 20

मंदिर वास्तु भाग 1- मंदिरों की शक्ति प्रणाली, निर्माण के भाग, विभिन्न शक्तियां विविध मंदिरों के लिए, विशेषताएं, थीम, उत्तर व दक्षिण भारतीयों के अंदाज, मंडप, वैदिक वास्तु काला, पत्थर के मंदिर- मामलपुरम के मंदिर, एलोरा की एलीफेंटा गुफाएं, राजराजेश्वर मंदिर: थांजवुर, सूर्य मंदिर: कोणार्क

मॉड्यूल 21

मंदिर वास्तु भाग 2 - रणकपुर के जैन मंदिर, मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर; मधुराई, लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर देवता: अभिषेक प्रक्रिया, शुद्धिकरण रस्म विधि, स्तंभ के पत्रभाग, स्तंभ, गोपुरा, विग्रह के प्रकार, मापदंड की विशेषताएं, पूजन, प्रदक्षिणा

मॉड्यूल 22

व्यावसायिक वास्तु भाग 1- व्यवसायिक वास्तु रचना, अवधारणाएं,विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए आदर्श व्यवस्था- जल,वाहन संबंधी, एल्कोहल, ईट, बेकरी, केबल, सीमेंट, कालीन, मिट्टी के बर्तन/पात्र, कपास, गौशाला, हीरे, बिजली के गोले, खाद,आटा कारखाना, शीशा, परिधान, जुट, अगरबत्ती, कागज, लकड़ी, सज्जा परत, मुर्गी पालन फार्म, औषधीय, सॉफ्ट ड्रिंक, स्टोन क्रशर, तेल कारखाना

मॉड्यूल 23

व्यवसायिक वास्तु भाग-2-हवाई चक्की, पुस्तकालय, संग्रहालय, श्मशान, स्विमिंग पूल, सरकारी और प्रशासनिक और जन परिवहन विभाग की इमारतें, रेलवे स्टेशन, विमानतल, पेट्रोल पंप, सचिवालय,दमकल विभाग की इमारतें

मॉड्यूल 24

वृत्त अध्ययन (केस स्टडी)

डिप्लोमा कोर्स - मॉड्यूल 1 से 6

प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स - मॉड्यूल 1 से 12 + 11A+12A+12B + 1 विशेषज्ञता

एकीकृत प्रोफेशनल एडवांस डिप्लोमा कोर्स - मॉड्यूल 1 से 24 + 11A+12A+12B + 2 विशेषज्ञता

कोर्स प्रशिक्षक

वीडियो कोर्स

Learn Vedic Vastu Shashtra

श्रीमती आरती शारडा

श्रीमती आरती शारडा के पास B.Com और PGM में MCM (कंप्यूटर प्रबंधन में मास्टर) डिग्री है। पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद उन्हें आर्किटेक्चर और इंटीरियर डिजाइनिंग करने की आंतरिक प्रेरणा मिली। प्रेरणा की इस चिंगारी ने उन्हें इमारत के डिजाइन और निर्माण से संबंधित विभिन्न व्यावसायिक अध्ययनों को सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इंटीरियर डिजाइनिंग में 2 वर्ष का डिप्लोमा और सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन में भी 2 वर्ष का डिप्लोमा किया है। उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ़ वैदिक एस्ट्रोलॉजी से वास्तु शास्त्र में 1 वर्ष का डिप्लोमा प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है। अब वह एक वास्तु विशेषज्ञ व सलाहकार और इंटीरियर डिजाइनर होने के अपने सपने को जी रही है। वे इंटीरियर डिजाइनिंग और लैंडस्केप प्लानिंग के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव रखती हैं। वास्तु का कोर्स करने के बाद उनकी डिजाईन वास्तु सम्मत होती है। उन्होंने कई उच्च श्रेणी के बंगले, गोडाउन और फैक्ट्री के लैंडस्केप डिजाईन वास्तु अनुसार किये हैं। इमारत के डिजाइन और निर्माण के लगभग हर पहलू में उन्होंने विशेषज्ञता अर्जित की है।

माँ प्रकृति उनके डिजाइनों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत हैं। उनके डिजाईन प्राकृतिक कला और सुंदरता से प्रेरित रहते हैं। फिर वह इन गुणों को अपने काम में लाने के लिए दिल से काम करती है। वह नयी टेक्नोलॉजी का भी उपयोग करती हैं। अपनी संरचनाओं को डिजाइन करने के लिए वे अत्याधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का उपयोग करती हैं। उनके शौक में प्राकृतिक आउटडोर का अनुभव करना, समृद्ध प्राकृतिक वातावरण की यात्रा करना, तैराकी, स्कीइंग और अन्य साहसिक गतिविधियाँ शामिल हैं। वह किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाना चाहती हैं जिसने सुंदर संरचनाओं को डिजाइन किया है, लेकिन विशेष रूप से एक आत्मीय इंसान के रूप में। वास्तु शास्त्र में उन्हें ९ वर्षो का अनुभव है। उन्होंने वास्तु और इंटीरियर डिजाईन सम्बंधित बहुत से लेख लिखे है और व्याख्यान दिए हैं।

पत्राचार कोर्स

डॉ राजन आर मयेकर

सतीश लोढ़ा

आर्किटेक्ट सुशांत पाटील

अभिविन्यास कार्यक्रम व्यावसायिक क्रियान्वयन के लिए सिर्फ प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स के साथ

सीखना एक अलग बात है, एवं उस ज्ञान से धन और प्रसिद्धि प्राप्त करना अलग बात है। इस पाठ्यक्रम द्वारा अर्जित ज्ञान का व्यवहारिक एवं व्यावसायिक रूप से उपयोग एवं धन अर्जन करने के उद्देश्य से कोर्स पूर्ण होने व परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक क्रियान्वयन पर विशेष निशुल्क कोर्स।

पाठ्यक्रम की फीस

पाठ्यक्रम की फीस {भारत के लिए}

कोर्स एकमुश्त फीस (18% GST सहित) किश्तों में फीस (18% GST सहित)
डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स रु 16791 (विडिओ कोर्स पर 50% की छूट) भुगतान करें रु 10775 (50% की छूट प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स पर) {रु2381 की 3 किश्तों के साथ} भुगतान करें
1 वर्षीय प्रोफेशनल डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स रु 23809 (वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स पर 50% की छूट) भुगतान करें रु 14033 (वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स पर 50% की छूट) {अगले माह से रु 3551 की 3 मासिक किश्ते} भुगतान करें
2 वर्षीय एकीकृत (इंटीग्रेटेड) एडवांस प्रोफेशनल डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स रु 32713 (50% की छूट विडिओ कोर्स व प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स दोनों पर) भुगतान करें रु 18052 (50% की छूट विडिओ कोर्स व प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स दोनों पर) {अगले माह से रु 5326 की 3 मासिक किश्ते} भुगतान करें
वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स ₹ 12000 भुगतान करें उपलब्ध नहीं

पाठ्यक्रम की फीस {विदेशी छात्रो के लिए}

कोर्स एकमुश्त फीस (18% GST सहित) th>
डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स US $ 330 (वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स पर 50% की छूट) भुगतान करें
1 वर्षीय प्रोफेशनल डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स US $ 470 (वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स पर 50% की छूट) भुगतान करें
2 वर्षीय एकीकृत (इंटीग्रेटेड) एडवांस प्रोफेशनल डिप्लोमा (पत्राचार पाठ्यक्रम) + वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स US $ 650 (50% की छूट विडिओ कोर्स व प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स दोनों पर) भुगतान करें
वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स US $ 170 भुगतान करें

*सूत्र = फीस + फीस पर 18% GST = कुल फीस

वैदिक वास्तु के पत्राचार और विडिओ के कॉम्बो कोर्स पर पायें आकर्षक छूट

पत्राचार और विडिओ के माध्यम से वैदिक वास्तु सीखें व इसमें महारथ हासिल करें। साथ ही कॉम्बो कोर्स से जुडने पर पायें 50% की छूट

कॉम्बो कोर्स विकल्प {पत्राचार + विडिओ->पायें 50% छूट} – सबसे बेहतरीन सीखने के अनुभव के साथ ही पायें आकर्षक छूट

कॉम्बो कोर्स - विकल्प १ (प्रारंभिक स्तर) – पायें छूट
वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

150+ विडिओ देखकर वास्तु के सूत्रों को आसानी से समझें

वैदिक वास्तु में डिप्लोमा कोर्स पत्राचार व दूर शिक्षण कोर्स के माध्यम से

500+ पृष्ठ का विस्तृत पाठ्यक्रम

दो सर्टिफिकेट पायें

वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

वैदिक वास्तु में डिप्लोमा कोर्स

कॉम्बो कोर्स - विकल्प २ (प्रारंभिक से उच्च स्तर तक) – पायें छूट
वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

150+ विडिओ देखकर वास्तु के सूत्रों को आसानी से समझें

वैदिक वास्तु में प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स पत्राचार / दूर शिक्षण कोर्स के माध्यम से

# 1200+ पृष्ठ का विस्तृत पाठ्यक्रम
# 1 विशेषज्ञता मुफ़्त
# मुफ़्त अभिविन्यास कार्यक्रम
# संरचनात्मक बदलाव किये बिना वास्तु से उपाय

दो सर्टिफिकेट पायें

वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

वैदिक वास्तु में प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स

कॉम्बो कोर्स - विकल्प ३ (प्रारंभिक, उच्च स्तर से लेकर विशेषज्ञ तक) – पायें विशेष छूट
वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

150+ विडिओ देखकर वास्तु के सूत्रों को आसानी से समझें

वैदिक वास्तु में एकीकृत एडवांस प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स पत्राचार / दूर शिक्षण कोर्स के माध्यम से

# 2200+ पृष्ठ का विस्तृत पाठ्यक्रम
# 2 विशेषज्ञता मुफ़्त
# मुफ़्त अभिविन्यास कार्यक्रम
# संरचनात्मक बदलाव किये बिना वास्तु से उपाय

वैदिक वास्तु में एकीकृत एडवांस प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स पत्राचार / दूर शिक्षण कोर्स के माध्यम से
तीन सर्टिफिकेट पायें

वैदिक वास्तु विडिओ फाउंडेशन कोर्स

वैदिक वास्तु में प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स

वैदिक वास्तु में एकीकृत एडवांस प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स

TESTIMONIALS

It gives me immense pleasure to inform that I was thoroughly satisfied by the useful knowledge extended to me by your course. Needless to add that after completion of the course I am full of self confidence in my abilities. Best regards.

DR. SMRITI CHOURASIA Korba (BAMS, SVD, PGDIV, PGDIG)
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I did Vedic Vaastu and Numerlogy courses as a part time hobby. These course have given me a new way to my life. I have got good guidance and support that was unimaginable le. Whoever can learn these courses even has a hobby will have great impact on intellect and lifestyles. Thanks IVA team.

CA ASHWIN SETHI Jabalpur (PGDIN, PGDIV)
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HEERAL CHHELAVDA Ahmedabad (PGDIA)
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I am an Engineer and self-employed professional. Learning Vedic Vastu Shastra from IVA had greatly helped me in my professional career. I recommend this course to all people related to construction. People who have Vastu related problem in their properties will also surely benefit from this.

ER. SUNIL KUMAR Delhi (B.E. PGDIV)
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मैं नि: संकोच यह कहना चाहूंगी कि IVA हर द़ृष्टि से एक आदर्श संस्थान है जिसमें छात्रों की कठिनाइयों का त्वरित हल किया जाता है। पाठ्यक्रम का अध्ययन कर मैं अंक शास्त्र को पार्ट टाईम के रूप में उपयोग कर धन एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर रही हूँ अब मैं हस्त रेखा शास्त्र का कोर्स संस्थान से कर रही हूँ और आशा करती हूँ कि यह मेरे कैरियर में चार चाँद लगा देगा।.

SMT. SIMMI LADIA Varanasi (PGDIP, PGDIN)
testimonial

Excellent courses. Excellent people. Excellent support. Gr8 learning experience., God Bless.

Ranbir Kaur Baidwan, Patiala (PGDIV, PGDIA, PGDIK, PGDIG, PGDIF, PGDIN, PGDIT)
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मैंने IVA से ज्योतिष में पोष्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा की उपाधी प्राप्त की है। एक वर्ष कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। पहले माड्यूल से ही दूसरे की प्रतिक्षा रहती थी। इसी संस्थान ने मुझे इस योग्य बना दिया है कि मैं अर्जित ज्ञान का सदुपयोग करते हुए शनै-शनै इस क्षेत्र में पेशेवर की तरह कार्य करने लगा हूँ।

Piyush Chiraniya, Kolkata (PGDIA, PGDIV)
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The astrology course was very informative and the practical, case studies and examples were well supported and taught in simplified user & friendly language. Staff were helpful. IBA definitely deserves ISO certification for its commitment to quality. I wish IVA the God speed.

N. Pramod Kumar, Bangalore (PGDIA, PGDIV)
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(Translated) Being a priest by profession, I had learnt Vedic Astrology and Vedic Vastu From FVA in 2004. Now, I don’t get time to perform puja for people. Instead, I have a big list of clients and industrialists who regularly take my advice for all their personal, professional, commercial and social matters. Especially the material on Dosha and their remedies is very comprehensive. Now, I am learning gems and Crystal Therapy. Om Swasti.

Pdt. Vijay Kumar Shastri, Rishikesh (B.A. (Sanskrit), PGDIV, PGDIA, PGDIG)
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मैंने वास्तु शास्त्र पर कई किताबों का अध्ययन कर के अपने बंगले का निर्माण करवाया। किन्तु कई वर्ष बाद अपने मित्र की सलाह में मैंने प्ट। के वास्तु पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। कोर्स के दौरान मैंने पाया की मेरा ज्ञान अधूरा था जिसके कारण मेरे बंगले में अनेकों वास्तु दोष उत्पन्न हो गये थे। माड्यूल 11 एवं 12 द्वारा मैंने इनके समाधान को समझा व बिना तोड़-फोड़ के उसे सही करना भी जाना।

Shri Hemant Sharma, Jaipur (PGDIV, PGDIF, PGDIN)
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Plants that increases House Positivity

Do you always look after the beauty of the plants wherever you go? Or you just love to maintain the bulk of plants into your house to make it more beautiful and close to nature? 

As we all know plants and trees are the source of our life as plants and trees provide us the oxygen to live and survive. But they are more to it as it also helps to bring prosperity in life. 

There are many people out there, who just love to plant trees and shrubs in their houses to make it look more beautiful and attractive. You will be surprised to know that plants and trees are also a part of Vastu!

What is Vastu?
Vastu is the ancient science of architecture which helps us to manage the energies and vibes in and around the house with the help of some principles and techniques.

The one who believes and follows Vastu in their house will surely like to get to know about particular plants and benefits from it. But for the ones who love to have plants in their house should also have a look at it. Here you will get interesting facts about plants as per Vastu which will not only make your house beautiful but through Vastu, it will also make your house more peaceful and healthy living. It will be interesting to know that plants and trees are used as cures and remedies in Vastu and it actually gives its effects positively.

Do you ever think that, in how many ways you can just use the particular plant or tree in your house to make it more peaceful and happy? Well, maybe no! According to Vastu indoor plants also holds great significance as well as health benefit and difference. In Vastu also it holds great significance and importance.  Not only Vastu but plants have huge significance in Chinese Feng Shui also. 

Let’s check out some interesting tips and information about plants and Vastu in your house.

Indoor plants have great benefits too. Basil, Money plant, Lily, Lotus, and Jasmine are some plants that can easily be planted indoor and which later provides great significance as it brings a positive flow of energy in the house.

  1. Basil Plant
  2. Money Plant
  3. Lotus
  4. Lily
  5. Jasmine

 

  1. Basil- Basil is the most auspicious and sacred plant in India. It is believed that it is most pious among all as it also contains its medical benefits to the user. If you want to place that according to the Vastu you can place the Basil plant in the north, northeast or east direction, but it shouldn’t be placed in the south direction.
  2. Money Plant- This plant has its own unique features in the house. This plant is planted inside and outside of the house for getting great benefits from it. As the name suggests this plant promotes money that is wealth. This is the plant that attracts money in the native's house when planted or placed as per Vastu. As it can increases the money-saving habit of the person and increases the flow of the money in the house. 
  3. Jasmine- Women use to wear Jasmine flowers in their hairs because it is said that it brings good luck and prosperity in the family. It is also used as the traditional medicine against skin disease, ulcers and other skin related problems.
  4. Lotus- Lotus is the most beautiful flower in the Indian culture and it is used in many ways as well. But according to Vastu you can place Lotus at the entrance of the house. You can also place it in the house as well. The Lotus is located with Goddess Laxmi as well.
  5. Lily- It can easily be planted inside and outside of the house. As it is the plant which can be placed in less sunlight and can be planted anywhere in the house. For the house which doesn’t have the proper windows or ventilation, it is the best plant to be grown inside the house.

According to Vastu these plants should be planted and kept according to the Vastu directions to get the great benefits. Vastu principles and Institute of Vedic Astrology suggests that plants should be kept in east and northeast directions of the house, which will give the best positive effects in the house.

There are many more things about plants you should know first before planting them in the house. You can get the best knowledge about Vastu and many other plants as per Vastu principles in the Institute of Vedic Astrology.

Learn Vastu from the best Vastu institute the Institute of Vedic Astrology, where you get the Best Distance Learning Course facility under the expert Vastu guides of IVA. Join and create a difference in your life.

Scientific Basis of Vastu

Vastu is considered a science-based climatology and has little connection with religion and spirituality. Ancient people provide some standard guidelines to construct homes, shops, offices, industries, etc. in any more details and efficient manner that helps to live a healthy life and promote overall power and prosperity. Do you want to become a Vastu consultant? You can get enrolled in the Vastu Course at IVA Indore to become the best Astrologer.

Vastu has a logical explanation of scientific truths and facts:

Science influences on Vastu

Nowadays, there are many Vastu Experts who have mastered Vastu from reputed institutes and have followed the standard rule and principles to ensure Vastu Shastra compliance.

Vastu is considered as,

Rational

Generally, Vastu is the study of the impact of the sun’s rays on the earth. Vastu can read the features of the house and shows the effects on the residents in a scientific way.

Permanent

The scientific concept of Vastu is based on the directions North, East, West, and South. Thus, these directions and the effects of Vastu are a permanent thing of Nature.

Beneficial

Scientifically, Vastu helps to make your life happier and problem-free. That’s why most people learn Vastu in any astrology site to live the happiest life.

Practicable

Just simple! As per the guidelines of Vastu, people construct a house that leads to a healthy and happy life.

Universal

As you know, Vastu is based on the properties of the Sun and the Earth. That’s why it is universal in its application. Narrow-minded beliefs like nationality, caste, religion, etc. have nothing to do with the science of Vastu. Everything is equal.

Above mentioned features show the action, cause, and effect of Vastu. Now, you might have understood that Vastu is a scientific approach. For more information about the science of Vastu, you can study the deeper concepts of Vastu in the Institute of Vedic Astrology Indore to make your future brighter.

How Vastu Works Behind the Science

Everyone knows about the solar system. Sun provides life to all living things by giving enough light and heat. It makes life possible on planet Earth. That’s why the Vedas and the Upanishads praised the sun as a Supreme soul or God. The rays of the Sun travel and reach the earth. While traveling, the sky element is considered as the carrier of life energy. Thus, it could carry generous life force into the house.

In Vastu, there are three postulates of design that cover the entire field, building, craft item and article of daily use. Those principles are

  • Bhogadyam – appropriate for the purpose
  • Sukha Darsham – should be aesthetically pleasing to the eye
  • Ramya – provide a feeling of well-being and contentment

Every manifest object is a package of energy and electromagnetic waves, and the dimension of time and space. The Vastu directions are termed as the source of energy.

Moreover, there are a lot of misconceptions about Vastu. When you want to become an expert in Astrology, you can choose expert-designed courses from the most reputed institution for learning Vedic Vastu - Institute of Vedic Astrology and master the subject from any location around the world.

The 10 Vastu Directions

Directions play a vital role in Vastu Shastra. Having an in-depth knowledge of directions in Vastu is essential for making the right decision about building a structure. Those who are interested in Vastu can Learn Vastu in the Institute of Vedic Astrology Indore. From, IVA Indore you can also learn and master advanced things about Vastu and become a professional astrologer.

In the modern era, magnetic compass is used to determine the directions. In total, there are 10 directions, but the compass points towards only 8 directions. There are 360 degrees involved in Vastu. Thus, there are 10 directions including four main directions and four sub-directions.

Main directions

  • North
  • South
  • East
  • West

Sub-directions

  • Northeast - meeting point of North and East (Ishan)
  • Southeast – meeting point of South and East (Agneya)
  • Northwest – meeting point of North and West (Vayaya)
  • Southwest – meeting Point of South and West (Nirutya)
  • Some people haven’t heard about the 9th and 10th direction in Vastu
  • Space
  • Patal

Want to learn about all aspects of directions, Vastu, readings? Choose the best course by going through the reviews like Institute of Vedic astrology Reviews to get a better career.

Importance of Directions as per Vastu

East

An east corner is represented as a symbol of the new beginning. This is a favorable direction for those who are trying to get rid of the bad things and begin building something new. Planning to place the living room, the entrances, and the puja room facing the east is a good idea.

West

It represents the overall stability of life. You shouldn’t live in the West region. If you are doing this, you can’t lead a happy life.

North

North is a good direction that is most suitable for health, wealth, prosperity and career direction. Having an office in the north region of the houses places you on the path of success.

South The ruler of the south corner of your home is location of Yamraaj-the lord of death. In any circumstance, you should never have a door or a locker in this region. If you do, then it can lead to fighting between the family members. On some occasions, it may cause an unfortunate death in the family.

North West

It is said to be a hub of positivity and prosperity. If you leave this region dark, it will lead to bad situation in your house.

South East

Don’t construct a room for any grandparent or older people in the southeast direction of the house. This placement can lead to negativity in the house. Those who are living in a nuclear family must not construct their rooms in the southeast area.

South West

This is the source of demeanor, character, and the case of longevity. If it is the highest region in your building, then your happiness and self-esteem will also be highest. Thus, Learn Vastu and then start your construction as per Vastu.

Northeast

This is observed to be a wonderful direction and a sensitive direction that promotes positive aspects in men and women. Leaving this region as an open space is the best thing to do as per Vastu.

Want more knowledge of Vastu directions? Then, learn Vastu course from the institutes matching the eminence of Institute of Vedic Astrology 

Important Vastu Tips For Students

Every year, a large number of students pass out of their colleges and dream of getting a suitable job that matches their qualifications and technical skills. A few fortunate and favored students manage to get a job of their choice, while the greater part of students fails to get the job of their choice even though they possess higher qualification.

The selection of a suitable career is the first step that should be taken into consideration by the parents by consulting with the experts. It is vital to take into account a student’s aptitude as well. It is important to evaluate if a student is willing to start a new business or has an interest in technical education. More often than not, parents are seen to neglect the choice and ability of their children and forcibly burden their children into a career of their own choice.

To figure out the inclination of a child, one can make use of Astrology which can further assist him/her to choose the right direction for a perfect profession or business of his/her choice. To do so, it is highly recommended to Learn Astrology rather than consulting an astrologer for the same. In case, you are planning to learn astrology, make sure that the institute you are enrolling with for the training is well reputed and provides proper training in astrology. Institute of Vedic Astrology is one of the best colleges for you in terms of offering training in astrology.

According to the context of this post, we are going to reveal some useful Vastu tips for students. Let us have a look at them:

  • Try not to sit facing a wall while studying, since it blocks the positive energy.
  • Wall or solid support should be on your back.
  • Whenever you study, sit facing north or east, or north-east.
  • All the waste and litter should be kept away from your environment. Keep in mind that cleanliness brings in positive energy and has a soothing effect on the mind.
  • It would be a great idea to place a money plant in the south-east corner of the room you are studying in.
  • Placing an aquarium in the south-east corner can attract positive energy.

If you have made your mind to Learn Astrology, either for yourself or for your children, know that it is the right time to enroll with the Institute of Vedic Astrology. Institute of Vedic Astrology is considered as the sole destination for people willing to Learn Astrology, Vastu Shastra, Feng Sui, Palm Reading, and other allied subjects.

Astro Vastu Consultant – a great career

There are a lot of surprising facts about Astrology. Astrologers have observed that the Effects of Moon will influence human beings and also the Ocean. Horoscopes are most common for Astrological study.

Astrology is both a science and art to bring the aspects together by formulating ideas and outcomes. It is also defined as the divination of supposed influences of the stars and planets on human affairs and terrestrial events by their positions and aspects. Zodiac sign has connected with the position of the sun at the time of your birth. Each Zodiac Sign has favorable colors.

Astrology Predictions

During Ancient times, Vastu texts have been proven to be equally effective and relevant as they are to modern architecture. By applying the underlying science and logic, we will get the best results.

Vedic Astrology

From the old human civilization, the History of Vastu Shastra will be explained clearly. Vastu is a Combination of two words as Vas and to.  These two words together in conjunction form Vastu. The Prime factors regarding Vastu will be explained in the Course from the best place to learn Vedic Vastu - Institute of Vedic Astrology.

Those who are keen to study Astrology and other related courses can enroll with the finest destination to master ancient sciences - Institute of Vedic Astrology Indore. This Institute uses an innovative Remote Learning Training System to provide Quality education.

IVA has led in achieving the Prestigious Award and committed to impart the latest in the field of best distance learning online courses.

It is probably the only institute of its kind to be awarded as ISO 9001-2015 certification. The correspondence programs and periodic basic courses offered by the Institute are getting positive reviews as the Institute of Vedic Astrology Indore Reviews regard it as the Best Institute to study astrology.

It is a natural human quality to know more and expand in wisdom. So, they go as far as possible to live by this divine fact to mold lives in every turn. But, no matter where you are on the spectrum, the aesthetic point of view in the creation of human beings place Vasthu Shastra on a high pedestal. The elements of Vastu Shastra almost match the beauty of Astrology. Its charming, passionate, pleasant and permanent value are the attractive elements for its widespread following by civilization.

The importance of Vastu is considered while constructing the buildings and an expert in the subject should know the importance of five elements of Earth, Water, Fire, Air, and Space. Many people don’t consider these aspects in the beginning but they are required to make changes in their houses or buildings accordingly. It is always recommended to approach the best Vastu Shastra expert who has wide knowledge in the subject of Astrology.

The consultant in Vastu Shastra will also know about human civilization as a whole, which forms the part of a vast field of study. Palmistry is also a sub-section of Hand reading astrology that deals with the mystery of the palm. This literally means an ocean of knowledge. 

There is a definite Mind-body connection in the palm that can exhibit the pattern of our habits and thoughts. With this information, people can shape their own destiny. It is important to look at an inactive hand as it shows where you have been headed.

Achieve peace and prosperity with vastu shastra

Nowadays, many homeowners have lost peace of mind because of the influence of negative energies. The sleeping direction is the main factor for losing peace, as many people spend more time in the same direction.

If somebody sleeps in the wrong direction, they may get affected by the unwanted energies, which may result in illness and loss in peace of mind.

Vastu Shastra – Discard unnecessary things from home and make space to welcome positive energy

Vastu is an old practice that is followed while building a home, to increase the positive energy in the location. While following Vastu, you have to follow the standard units of measurements in your home.

To have good positive energy, the compatibility of nakshatra of the building with the nakshatra of resident is essential. Muhurtha plays a vital role in delivering peace and prosperity for the residents.  You can Learn Vastu from IVA Indore which can help you in knowing more things about Indian Astrology. This will help you to get deep insights into Astrology and Indian Palmistry.

Best Vastu tips for your home to achieve peace and prosperity

  • According to the Vastu principle, it is better to have open courtyards in the center of the home to have positive vibes.
  • Build your bedroom in the southern side of the home. You must avoid building bedrooms on the northern and eastern sides, as it is not auspicious. 
  • You can build the bedroom in the South-west corner of your home, but it should be used by elder people of your home. If you are the head of the family, your bedroom should be on the North-west side.
  • Children’s room must face the West direction rather than Northeast, Northwest, Northeast, and Southeast.
  • Mirrors should not be placed in the kitchen and it should also face your children’s bed.
  • Keep your kitchen in such a way that it faces the east direction and the cooking place is on the eastside. It is strictly advised not to locate the kitchen or doors in front of the toilet. In addition, toilet doors should not face the dining hall or kitchen.
  • Your dining hall should not be exposed to the main door of your home. The entrance door must be larger than the door of your home.
  • While constructing a home, plan to keep your Pooja and entrance room in the North-East direction. Vastu shows that this rule can bring peace and prosperity to your home.
  • Pooja room doors must have two shutters with four frames. You should place the deity facing the West, East, and North.
  • To bring prosperity to your home try to keep fishes. You can place the aquarium in the Southeast corner of the living room.
  • The furniture and furnishing items kept in the house can be of any shapes like circle, square or octagon. You must not keep a television in your bedroom, which may affect your prosperity greatly.
  • You can grow bright colored flowers and aroma flowers in your garden or lawn.
  • The backyard of your home should not have any tall trees like Pipal or Banyan. Also, there should not be any thorny bushes like the cactus.

Thus, these are some of the best Vastu Shastra tips to bring home the prosperity, peace, and happiness. Follow Vastu and Live in Peace!